राजाराम भादू का लेख
राजाराम भादू सृजन और सृजन प्रक्रिया जैसे कठिन और जटिल विषय पर जयशंकर के वक्तव्य 'सृजन का संसार' के बाद इस सप्ताह पढ़िए वरिष्ठ लेखक राजाराम भादू का लेख 'सृजन-प्रक्रिया और प्रतिफलन'।यह लेख सृजन और सृजनात्मकता के उन पहलुओं पर विचार करने में मदद करता है जो उसे प्रभावित भी करते हैं और उसके लिए जमीन भी तैयार करते हैं। राजाराम भादू का लेख सृजन- प्रक्रिया और प्रतिफलन बीसवीं शताब्दी में ही शिक्षाविदों और मनोवैज्ञानिकों के बीच इस पर सहमति बन गयी थी कि बच्चों में सृजनशीलता की प्रवृत्ति स्वाभाविक रूप से होती है, जैसी कि कल्पना, प्रश्नाकुलता और सहकार जैसी कुछ अन्य प्रवृत्तियाँ जन्मजात रूप से पायी जाती हैं। लेकिन इन्हें विकसित करने के लिए अनुकूल परिवेश और उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, अन्यथा ये मुरझाकर सूख जाती हैं। किन्तु रचनाकारों, विशेषकर हिन्दी क्षेत्र के कलाकारों- संस्कृति कर्मियों की आरंभिक जीवन कथाओं से पता चलता है कि सृजन के रास्ते का चयन करने ...